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ॐ जय गंगाधर

गंगाधर (शिव) को आरती

ॐ जय गंगाधर जय हर, जय गिरिजाधीशा। त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ कर्पूरद्युतिगौरं पन्चाननसहितम्। त्रिनयनशशिधरमौलिं विषधरकण्ठयुतम्‌॥ सुन्दरजटायकलापम् पावकयुतभालम्। डमरुत्रिशूलपिनाकम् करधृतनृकपालम्‌॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ मुण्डै रचयति मालाम पन्नगमुपवीतम्। वामविभागे गिरिजारूपम् अतिललितम्‌॥ सुन्दरसकलशरीरे कृतभस्माभरणम्‌। इति वृषभध्वजरूपम् तापत्रयहरणम्॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ शङ्खनिनदम् कृत्वा झल्लरि नादयते। नीराजयते ब्रह्मा वेद-ऋचां पठते॥ अतिमृदुचरणसरोजम् हृत्कमले धृत्वा। अवलोकयति महेशम् ईशम् अभिनत्वा॥ ॐ हर हर हर महादेव॥